हर बच्चे को पोषण के साथ मिलेगी शिक्षा, हरिद्वार में ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम का शुभारंभ
-आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे बच्चों के सर्वांगीण विकास के केंद्र, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर जोर
-खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल, आईटीसी और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल शुरू
-बचपन की मजबूत नींव पर होगा भविष्य का निर्माण, 0 से 6 वर्ष के बच्चों के विकास को मिलेगी नई दिशा

हरिद्वार। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को एक साथ जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त पहल ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ का बुधवार को विकास भवन, हरिद्वार में शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा ने किया।
प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) पर केंद्रित यह कार्यक्रम आईटीसी लिमिटेड और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच 10 जुलाई को हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत शुरू किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य छह वर्ष तक के बच्चों को बेहतर पोषण, सुरक्षित देखभाल और गुणवत्तापूर्ण स्कूल-पूर्व शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से विकसित होकर विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार हो सकें।
आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा सीखने का आनंदपूर्ण ठिकाना
इस पहल के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सशक्त, सक्रिय और बाल-अनुकूल शिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के दबाव से दूर रखते हुए खेल, कहानी, कविता, गीत, चित्रों, खिलौनों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन गतिविधियों के जरिए बच्चों की भाषा एवं संचार क्षमता, तार्किक सोच, रचनात्मकता, सामाजिक-भावनात्मक समझ और शारीरिक कौशल को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, उनकी आयु और विकास के स्तर के अनुरूप रंगों एवं आकारों की पहचान, गिनती, सुनने-बोलने, प्रश्न पूछने और अपनी बात स्पष्ट रूप से व्यक्त करने जैसी बुनियादी क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का भी होगा क्षमता संवर्धन
कार्यक्रम की सफलता के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित विभागीय कर्मियों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्हें बच्चों की जरूरतों के अनुरूप पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर व्यवस्था करने के लिए सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा।
पहल की अवधारणा है कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण और देखभाल तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे आनंदपूर्ण वातावरण के रूप में विकसित हों, जहां बच्चे खेलते हुए सीख सकें, अपनी प्रतिभा पहचान सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
विभागीय अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं ने की सहभागिता
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अविनाश भदौरिया, बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुलेखा सहगल सहित विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं के अधिकारी, सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आईटीसी लिमिटेड की ओर से अनंत महेश्वरी, पामिश कुमार, सचिन और उज्ज्वल शर्मा सहित टीम के सदस्यों ने सहभागिता की। वहीं, आईजीडी संस्था से गुलाम, मासी एवं उनकी टीम तथा प्रथम संस्था से अशलेषा, शिखा, कुलदीप प्रजापति और अतुल तिवारी सहित सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
बचपन को सशक्त बनाने की दिशा में अहम पहल
‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्षों को मजबूत बनाकर उनके बेहतर भविष्य की नींव तैयार करना है। पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के समन्वय से बच्चों को सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका को और प्रभावी बनाने तथा नौनिहालों को आगे की शिक्षा के लिए तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।